बिना पीपीई के संदिग्ध मरीज का इलाज करने वाले चार डॉक्टर कवैरेन्टीन किए गए

टेस्ट रिपोर्ट आने तक दो दिन घर पर ही रहेंगे

जिले में अब कुल तीन पॉजीटिव और 11 संदिग्ध मरीज भर्ती

रवि रौणखर, जालंधर

ईएसआई अस्पताल के चार डॉक्टरों को एतिहातन कवैरन्टाइन में भेज दिया गया है। इनमें अस्पताल के इंचार्ज डॉ. मुकेश भी शामिल हैं। डॉ. मुकेश की जगह अब अस्पताल के इंचार्ज के तौर पर डॉ. लवलीन गर्ग के ऑर्डर हो गए हैं। डॉ. मुकेश अब तीन अन्य स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के साथ कुछ दिन घर पर ही रहेंगे और मरीज की टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें वापस ड्यूटी पर बुलाने पर विचार होगा। फिलहाल चारों डॉक्टरों को केजुअल लीव और ऑफ देकर घर भेज दिया गया है।

डॉक्टरों ने संदिग्ध मरीज को कृत्रिम सांस दिया था

असल में मंगलवार को अलावलपुर से एक बुजुर्ग मरीज को सिविल अस्पताल लाया गया था। सिविल अस्पताल में अब सिर्फ कोरोना के लक्षणों वाले मरीजों को ही देखा जा रहा है। बाकी आम मरीजों को ईएसआई अस्पताल रेफर या शिफ्ट किया जा रहा है। ऐसे में बुजुर्ग मरीज को लाने वाली एंबुलेंस जैसे ही सिविल अस्पताल में रुकी उसे ईएसआई अस्पताल भेज दिया गया। जहां चार डॉक्टरों की टीम ने मरीज को चैक किया। उसका हार्ट रुक चुका था। आखिरी सांस चल रहे थे। हार्ट चलाने के लिए रीसेसिटेट (कृत्रिम सांस देना) भी किया गया। मगर मरीज बच नहीं पाया। बॉडी सिविल अस्पताल में बनी मॉर्चरी में रखी गई है। सैंपल टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं।

आखिर कवैरेन्टीन क्यों

ESI Hospital Jalandhar SUS Nagar

साधारण मरीज को रीसेसिटेट करने और कोरोना संदिग्ध मरीज को रीसेसिटेट करने में काफी अंतर है। इन डॉक्टरों ने बुजुर्ग को साधारण मरीज समझकर चैक किया था। चारों डॉक्टरों ने जरूरी पीपीई ( Personal protective equipment ) नहीं डाली थी। दो डॉक्टरों ने अपने मुंह से मरीज को सांस देने की कोशिश की। ऐसे में संक्रमित शरीर से डॉक्टरों को संक्रमण जाने का खतरा पैदा हो जाता है।

मरीज का चैकअप करने वाले एक डॉक्टर ने बताया कि उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। हालांकि वह पिछले ढाई महीने से किडनी रोग से पीड़ित भी था लेकिन सांस में तक्लीफ, तेज बुखार के चलते हम उसे कोरोना संदिग्ध केटेगरी में रख रहे हैं। कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल ले लिया गया है।

अस्पताल के इंचार्ज भी छुट्टी पर भेजे गए

Dr Mukesh ESI hospital Jalandhar
डॉ. मुकेश

एक डॉक्टर ने बताया कि जबतक टेस्ट रिपोर्ट नहीं आती हम चार डॉक्टर अपने अपने घरों में बंद हो जाएंगे ताकि बाहरी दुनिया को किसी तरह का जोखिम न हो। इन डॉक्टरों में ईएसआई के मौजूदा इंचार्ज डॉ. मुकेश, चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. नरेश बाठला, ईएनटी सर्जन डॉ. अर्पना और गायनीकॉलोजिस्ट डॉ. प्रतिभा शामिल हैं। यानी के एक साथ ही 4 स्पेशलिस्ट डॉक्टर कवैरेन्टीन किए गए हैं।

कवैरेन्टीनः एक जीव को कुछ समय के लिए दूसरों से अलग थलग रखना। a state, period, or place of isolation in which people or animals that have arrived from elsewhere or been exposed to infectious or contagious disease are placed.

5 thoughts on “बिना पीपीई के संदिग्ध मरीज का इलाज करने वाले चार डॉक्टर कवैरेन्टीन किए गए

  • 24/03/2020 at 11:01 pm
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    Well done reporter sir …Good News

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  • 24/03/2020 at 11:08 pm
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    कर्तव्यनिशठ् देवदूतों(doctors)को सलाम जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए मरीज़ के लिए जो बन पाया किया ।परमेश्वर से उनके अच्छे स्वास्थ्य व दीर्घायु के लिए हार्दिक कामनाएँ ।

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  • 24/03/2020 at 11:24 pm
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    We earnestly pray that all doctors are safe.All the people in the government medical sector are working really hard. Great salute to these warriors

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  • 25/03/2020 at 9:54 pm
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    I wholeheartedly salute to all the concerned Doctors who did their best to save the patient ,and nowpray to the God for their wellbeing. God bless them good health and long happy life.

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  • 26/03/2020 at 10:55 am
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    God bless all Doctors who are doing their duties risking their life but at the same time God bless the concerned authorities for the hospitals especially the government hospitals to have a look that they are well equipped with P P E .Hope the authorities will look into it.Prem Dhir

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