सर्जरी से ठीक पहले होने वाले टेस्ट से हम कई ऑप्रेशन टाल भी सकते हैं- डॉ. अंकित महाजन

बुधवार को मानो होटल कंट्री-इन ऑप्रेशन थियेटर बन गया होः डॉक्टरों के बीच दिल के इलाज को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी

सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट और एनेस्थेटिस्ट बताते रहे कौन कहां गलती करता है और किसे क्या करना चाहिए

रवि रौणखर, जालंधर

जालंधर के होटल कंट्री-इन में बुधवार की रात माहौल देखने लायक था। यहां हार्ट सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, मेडिकल स्पेशलिस्ट भी मौजूद थे, स्टेंट डालने वाले और मरीज को बेहोश करने वाले डॉक्टर भी। मौका था सीएमई का। सीएमई ( Continuing medical education ) डॉक्टरों के उन सम्मेलनों को कहते हैं जिनमें वह किसी एक मेडिकल टॉपिक पर गहन चर्चा करते हैं। इसमें अलग अलग अस्पतालों के डॉक्टर अपने अपने तजुर्बे शेयर करते हैं। जिससे कई शंकाएं भी दूर होती हैं और डॉक्टर एक दूसरे से काफी कुछ सीखते भी हैं।
टैगोर अस्पताल के क्रिटिकल केयर विभाग के डायरेक्टर व एचओडी डॉ. जियोकोव जोशी के नेतृत्व में चलने वाली इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर ने इस सीएमई का आयोजन किया था। टॉपिक था ऑप्रेशन थियेटर और आईसीयू में अरिदमिया और एक्यूट कोरोनरी सिंड्रॉम को किस तरह से ट्रीट किया जाए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित महाजन थे। अरिदमिया दिल की अनियमित धड़कन की स्थिति को कहते हैं जिसमें दिल कभी तेजी से धड़कता है तो कभी बहुत धीरे। जबकि दिल को जाने वाले खून की सप्लाई में बाधा आना जैसे हार्ट अटैक इत्यादि की स्थिति को एक्यूट कॉरोनरी सिंड्रॉम कहते हैं।

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पैदल या सीढ़ियों पर चढ़ाकर भी तय कर सकते हैं कि मरीज को हार्ट सर्जरी की जरूरत है या नहीं-डॉ. महाजन

Dr Ankit Mahajan Tagore Hospital Jalandhar
डॉ. अंकित महाजन

डॉ. अंकित महाजन ने अपने लेक्चर में हार्ट सर्जरी या दिल के स्टेंट डालने से पहले कुछ छोटी लेकिन अहम बातों की ओर इशारा किया। उनका कहना था कि ऑप्रेशन से पहले होने वाले टेस्ट और एग्जामिनेशन अगर सही से हो जाएं तो हम ऑप्रेशन को ही टाल सकते हैं। के ऊपर डॉ. महाजन ने बताया कि हार्ट सर्जरी के लिए तैयार मरीज बिना छाती दर्द के सीढ़ियां चढ़ सकता है या उसे पैदल चलने पर भी दर्द नहीं हो रही तो हम ऑप्रेशन के बारे में पुनर्विचार कर सकते हैं। उसके फिर से टेस्ट हो सकते हैं और हो सकता है कि उसे हार्ट सर्जरी की जरूरत ही न हो। यही नियम स्टेंट डलवाने के लिए भर्ती मरीज पर भी लागू होते हैं। डॉ. महाजन ने अपने लेक्चर में कई ऐतिहासिक ईसीजी के उदाहरण दिए और कुछ ऐसी दवाओं का भी जिक्र किया जिन्हें दिल के इलाज के लिए इस्तेमाल तो किया जाता था लेकिन बाद में पता चला कि उन दवाओं से दिल ठीक होने की बजाय खराब होता गया। उन ड्रग्स को बंद कर दिया गया।
सही से ईसीजी पढ़कर मरीज को सटीक इलाज मुहैय्या कराना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि कई मामलों में ऑप्रेशन से पहले सारी चीजें नॉर्मल लग रही होती हैं लेकिन जैसे ही ओपन हार्ट सर्जरी चल रही होती है तब मरीज की हालत बिगड़ जाती है। ऐसे में सर्जरी अधूरी छोड़ने की बजाय सर्जन को तेजी से ऑप्रेशन को अंजाम देना चाहिए।

किडनी के डॉक्टर कई बार जरूरत से ज्यादा फ्लूड चढ़ा देते हैं, जो कि दिल के लिए घातक सिद्ध होता है

डॉ. अंकित महाजन ने बताया कि कई बार यूरोलॉजिस्ट अपने प्रोसीजर करते वक्त मरीजों को अत्याधिक फ्लूड चढ़ा देते हैं। हो सकता है वह फ्लूड किडनी के इलाज के लिए यूरोलॉजिस्ट को मदद करते हों लेकिन अगर वह मरीज दिल के रोग से भी पीड़ित हो तो यह घातक सिद्ध हो सकता है। उसी तरह दिल के मरीजों को हाईपोथर्मिया (शरीर में अत्याधिक तापमान की कमी) से बचाने के लिए उन्हें गर्म रखना भी जरूरी है। मरीजों का नॉन इनवेजिव कार्डिएक स्ट्रेस टेस्ट भी होना चाहिए। उन्होंने पेसमेकर के पक्के और टेंपरेरी इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी। इन सभी के लिए एक टीम वर्क की जरूरत होती है जिसमें कार्डियोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, सर्जन और मेडिकल स्पेशलिस्ट सब एक साथ काम करें तो बेहतर रिजल्ट सामने आ सकते हैं।

सीएमई में लेक्चर के बाद लंबी चर्चा चली। एक एक बिंदू पर डॉक्टरों ने अपनी राय रखी। अकसर देखा जाता है कि बड़ी बड़ी सीएमई में दर्जनों स्पीकर होते हैं लेकिन चर्चा न बराबर होती है। ऐसे कार्यक्रम औपचारिक्ता बनकर रह जाते हैं। डॉक्टरों का भी यही कहना था कि एक स्पीकर, एक टॉपिक और सीमित गिनती के डॉक्टरों वाली सीएमई में ज्यादा सीखने को मिलता है।

न्यूरो सर्जन और कार्डियोलॉजिस्ट आमने सामने

Dr Nipun Mahajan Tagore Hospital Jalandhar 9
न्यूरोसर्जन डॉ. भरत गुप्ता (पीले स्वेटर में) और उनके सवाल का जवाब देते कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निपुन महाजन। क्योंकि न्यूरो सर्जरी के ज्यादातर ऑप्रेशन लंबे समय तक चलते हैं ऐसे में दिल के मरीज की न्यूरो सर्जरी करते वक्त कुछ खास एतिहात बरतनी चाहिए। डॉ. महाजन ने डॉ. गुप्ता के उस सवाल का जवाब दिया।

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