7 दिन पहले निजात्म नगर की बुजुर्ग महिला का एक्स-रे देखते ही प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने बता दिया था कि यह वायरल निमोनिया है, सिविल ने कहा था लगता नहीं है

रवि रौणखर, जालंधर

जालंधर की एक महिला सीएमसी लुधियाना में दाखिल है। उसका कोरोना टेस्ट पॉजीटिव पाया गया है। महिला की सेहत बिगड़ती जा रही है। जालंधर पोस्ट ने जब मामले की तहकीकात की तो कई अहम बातें सामने आई हैं। सबसे खास है सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का केस को पकड़ने में नाकाम रहना।
एक हफ्ता पहले शहीद उधम सिंह नगर स्थित प्राइवेट अस्पताल के फिजिशियन ने पास जब 70 वर्षीय स्वर्ण कांता छाबड़ा गईं तो डॉक्टर साहब ने एक्सरे करवाने के लिए कहा। स्वर्ण कांता को बुखार, सांस में तक्लीफ और खांसी थी। उनके बेटे नरेश छाबड़ा को भी खांसी थी। डॉ. साहब ने दोनों के एक्सरे रिपोर्ट देखी। माताजी की रिपोर्ट देखते ही उन्होंने तुरंत सिविल अस्पताल जाने की सलाह दी। नरेश छाबड़ा का एक्स-रे नॉर्मल था।

सिविल अस्पताल ने कहा चिंता न करें रिपोर्ट नेगेटिव है

108 Ambulance

मां बेटा बौरी अस्पताल से सीधे सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों को एक्स-रे दिखाया। डॉक्टरों ने नरेश छाबड़ा से कहा सब ठीक है। रिपोर्ट नेगेटिव है। आप जिस अस्पताल से आए हैं वहीं आराम से इलाज करवा लीजिए। यह कोरोना के लक्षण नहीं हैं। मगर नरेश के मन में शंका जारी थी। उसने प्राइवेट डॉक्टर को कॉल की।

प्राइवेट फिजिशियन ने नरेश को सीएमसी या डीएमसी जाने की सलाह दी

नरेश ने सिविल अस्पताल से प्राइवेट फिजिशियन को कॉल करके कहा कि सिविल वाले कह रहे हैं कि यह कोरोना संदिग्ध मरीज नहीं है। वह कह रहे हैं जहां से आए हो वहीं चले जाओ। इस पर प्राइवेट फिजिशियन ने कहा कि आप जालंधर की बजाय लुधियाना चले जाइए। सीएमसी या डीएमसी। वहां इन्हें एडवांस केयर मिलेगी।

क्या प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर और उनका स्टाफ कवैरन्टीन होगा?

महिला के एक्सरे रिपोर्ट देखने वाले प्राइवेट डॉक्टर से जब जालंधरपोस्ट ने पूछा कि क्या वह डीएमसी के प्रिंसिपल और मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर की तरह 14 दिन के लिए कवैरन्टीन हो जाएंगे तो डॉ. साहब बोले हम पहले से दस्ताने और मास्क पहने थे। मरीज अस्पताल के गेट से सीधे एक्स-रे रूम में गया था। हम गेट पर ही पूछ रहे हैं कि समस्या क्या है। एक्स-रे देखते ही मैने उन्हें सिविल की सलाह दी थी। वैसे मैने मरीज को देखा नहीं था। सिर्फ एक्स-रे ही देखा था।

डीएमसी जाने से पहले परिवार माताजी को नारायण नगर लेकर आया!

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स्वर्ण कांता छाबड़ा का घर

नरेश का परिवार अब तय कर चुका था कि माताजी को लुधियाना लेकर जाना है। स्वर्ण कांता छाबड़ा के तीन बेटे हैं। गली के लोगों का कहना था कि माताजी को लुधियाना ले जाने से पहले उनके दूसरे बेटे रवि छाबड़ा के पास नारायण नगर भी ले जाया गया था। वहां से वे अपनी कार से लुधियाना के लिए रवाना हुए।

प्रशासन को नारायण नगर का वह इलाका भी सील करना चाहिए

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एसएचओ रविंदर कुमार

अगर यह बात सच है कि स्वर्ण लता नारायण नगर भी गई थीं तो जल्द से जल्द सेहत विभाग को नारायण नगर का वह इलाका भी सील करना चाहिए। इससे वायरस को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

निजात्म नगर के लोग बच्चों समेत सिविल अस्पताल पहुंचे

हालांकि निजात्म नगर में उनकी गली के लोगों का कहना है कि हमें हमारे बच्चों की चिंता है जो स्वर्ण लता के 18 साल के पोते के साथ खेलते रहे थे। बहुत सारे लोग खुद अपनी गाड़ियों में बैठकर सिविल अस्पताल पहुंच गए और कुछ को 108 एंबुलेंस से सिविल लाया गया।

इलाके में दवा का छिड़काव जारी

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दवा का छिड़काव करती गाड़ी

निजात्म नगर की गली नंबर 6 में फायर ब्रिगेड की गाड़ी से दवा का छिड़काव जारी था। मौके पर 5 नंबर थाने के एसएचओ रविंदर कुमार और उनकी टीम ने पूरा इलाका सील कर दिया है।

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