क्या यह कोरोना लीग है? स्ट्रेस कम करने के लिए अभी क्रिकेट खेलने का वक्त नहीं आया है, काम बहुत पड़ा है

एक बल्ले से पूरी टीम खेल रही थी, एक संक्रमित हुआ तो पूरा सेहत विभाग ही दांव पर लग जाएगा

रवि रौणखर, जालंधर

जब पहला लॉक डाउन हुआ उस दिन सिविल सर्जन दफ्तर में कुछ कर्मचारी क्रिकेट खेल रहे थे। एक ने कहा थोड़ा स्ट्रेस है दूर कर रहे हैं। खैर, गेम चलती रही। अगले दिन कर्फ्यू लगा दिया गया। सिविल अस्पताल के सीनियर पैरामेडिकल स्टाफ ने मुझसे कहा “देखो यहां क्या हो रहा है। इनके क्रिकेट का शोर हमें परेशान कर रहा है।”

इस रिपोर्ट का मकसद सेहत विभाग के मनोबल को तोड़ना नहीं है। सिविल सर्जन दफ्तर के कर्मचारियों को समझना होगा कि अभी तो काम शुरू हुआ है। पहले दिन ही स्ट्रेस हो गया और पहले दिन ही क्रिकेट भी चालू हो गई। तो 20 दिन बाद क्या होगा?

ऐसे समय में क्रिकेट कोरोना का स्ट्रेस कम करेगी, कर्मचारियों का नहीं

Cricket in Civil Surgeon office Jalandhar Corona cricket league
यह सिविल सर्जन दफ्तर है। यहीं से जालंधर जिले को कोरोना मुक्त करने की लड़ाई भी लड़ी जा रही है। मगर हेडक्वार्टर में क्रिकेट का क्या मतलब है।

ठीक है। मान लेते हैं कि सिविल सर्जन दफ्तर के कर्मचारियों में स्ट्रेस ज्यादा है। मगर जो विभाग दुनिया को ज्ञान बांटता फिर रहा है कि दूरी बनाए रखें। एक दूसरे की चीजों को छूने या हाथ मिलाने के बाद हाथ धोइए। क्या क्रिकेट में यह सारे प्रोटोकोल फॉलो किए जाते हैं। हे वीरो। यह क्रिकेट कोरोना का स्ट्रेस कम कर रही है। प्लास्टिक के एक बैट से 10 लोग खेल रहे हैं। बॉल हर हाथ में जा रही है। क्या यह खेल कोरोना को फैलाने में मददगार नहीं है?

अभी भी हजारों ऐसे लोग ट्रेस नहीं किए जा सके हैं जो हाल ही में विदेश से पंजाब लौट आए हैं। इटली में रोजाना सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं। दुनिया में इस वायरस का सबसे ज्यादा खतरा भारत में माना जा रहा है। ऐसे में दूसरे दिन स्ट्रेस कम करने के लिए क्रिकेट का क्या मतलब है?

यह खबर क्यों जरूरी है?

जिले की सेहत की जिम्मेदारी सिविल सर्जन की है। सेहत विभाग को स्पोर्ट करने के लिए बाकी विभागों के कर्मचारी बुलाए जा रहे हैं। डीसी वीके शर्मा कितनी बार समझा चुके हैं। क्या करना है क्या नहीं करना है। अगर किसी कर्मचारी को संक्रमण हो गया तो उसका सीधा प्रभाव उस पूरे विभाग पर पड़ सकता है। आप समझिए। हो सकता है एक के कारण पूरे सिविल सर्जन दफ्तर के कर्मचारियों को ही कवैरेनटाइन में न भेजना पड़ जाए। इसलिए बहुत अलर्ट रहना होगा। पूरे प्रोटोकोल फॉलो करने होंगे।

अभी पंजाब में कोरोना स्टेज-2 में ही है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी कह चुके हैं कि 40000 से ज्यादा पंजाबी पिछले 10 दिनों में दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर चुके थे। ज्यादातर लोग बिना कवैरन्टीन के पंजाब के भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमते रहे हैं। पंजाब पर भारी खतरा है। कुछ कर्मचारियों का क्रिकेट खेलना किसी दूसरे को चिढ़ा भी सकता है। ऐसे में सेहत विभाग के कर्मचारियों का क्रिकेट खेलना किसी भी एंगल से सही नहीं ठहराया जा सकता।

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