चीन का आरोपः अमेरिका से आया कोरोना वायरस

चीन का दावा अमेरिका के बायो डिफेंस सेंटर में हादसे के दौरान कोरोना वायरस इंसान के शरीर में दाखिल हुआ

रवि रौणखर, जालंधर

कोरोना वायरस पर चीन और अमेरिका आमने सामने हैं। चीन ने गंभीर आरोप लगाया है कि नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) अमेरिका से आया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और चीन सरकार के सूचना विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ज़ाओ लीजियान ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के सैनिक इस वायरस को चीन लेकर आए। ये सैनिक अमेरिका के फोर्ट डेट्रिक में स्थित बायो डिफेंस सेंटर ( Army Medical Research Institute of Infectious Diseases) में वायरस से संक्रमित हुए थे। फोर्ट डेट्रिक में अमेरिकी सेना की एक बहुत बड़ी लैब है जिसमें जीका, इबोला जैसे खतरनाक वायरस के खतरे से निपटने के लिए अहम रिसर्च किए जाते थे।

ज़ाओ लीजियान

136 देशों में कोरोना वायरस 145337 लोगों को संक्रमित कर चुका है। 5416 की मौत हो चुकी है। 70921 मरीज ठीक हो चुके हैं। 5990 सीरियस हैं। भारत में 2 की मौत हो चुकी है।

अमेरिका ने अगस्त 2019 में अचानक लैब को बंद कर दी

fort-detrick
फोर्ट डेट्रिक

अमेरिकी सरकार ने अचानक अगस्त 2019 में इस लैब को बंद कर दिया था। अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में स्थित इस लैब में 900 कर्मचारी काम करते थे।उसे एक झटके में बंद करने पर कई सवाल भी खड़े हुए थे। हालांकि अमेरिकी सरकार ने दावा किया किया कि लैब में खतरनाक किटाणुओं के खतरे को देखते हुए हमारे पास पर्याप्त सुरक्षा के साधन नहीं थे। बिना सेफ्टी के लैब चलाना खतरे से खाली नहीं था। यानी लैब से खतरनाक वायरस फैल सकता था।

लैब में एक्सीडेंट हुआ, वायरस इंसानी शरीर में दाखिल हुआ

Corona came from USA Fort Detrick

चीनी प्रवक्ता के मुताबिक कई वैज्ञानिक पत्रिकाओं में उस वक्त भी छपा था कि अमेरिका में एक अलग किस्म का फ्लू फैल रहा है। यह फ्लू उसी सैन्य लैब में काम करने वाले सैनिकों ने चीन में फैलाया था। उस लैब में एक हादसे के दौरान यह वायरस इंसानी शरीर में दाखिल हुआ था। सैनिक संक्रमित हुए। उनमें से कई सैनिक चीन में वर्ल्ड मिल्ट्री गेम्स में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे वुहान आए थे। यह हादसा कब हुआ इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। पहले वायरस इतना ताकतवर नहीं था लेकिन जैसे जैसे वह एक शरीर से दूसरे में दाखिल होता गया वैसे वैसे उसकी ताकत बढ़ती गई।

वुहान में हुई थीं वर्ल्ड मिल्ट्री गेम्स, अमेरिकी सैनिक उसी टूर्नामेंट में इस वायरस को लेकर आए

कोरोना के गढ़ वुहान में अक्टूबर 2019 में वर्ल्ड मिलिटरी गेम्स हुई थीं। चीन का आरोप है कि इन खेलों में अमेरिका के लगभग 300 खिलाड़ी पहुंचे थे। वह अपने साथ कोरोना वायरस लेकर आए थे।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कुछ पत्रिकाओं में छपे लेखों का हवाला देते हुए कहा कि उन पत्रिकाओं में इस मामले की पूरी सच्चाई छाप दी गई है। एक ऐसे ही लेख में जिक्र हुआ है कि अक्टूबर महीने में वुहान शहर में वर्ल्ड मिल्ट्री गेम्स का आयोजन किया गया था। 18 से 27 अक्टूबर के बीच अमेरिका के सैनिकों ने भी उसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। अमेरिकी सैनिक पूरे वुहान शहर में घूमते रहे। वह वुहान की मछली मार्केट (Seafood market) में भी घूमने गए थे जहां बहुत ज्यादा भीड़ होती है। अपने 9 दिन के ठहराव के दौरान उन्होंने वुहान के न जाने कितने नागरिकों में इस वायरस को बांट दिया। अंजाम से बेखबर वुहान के नागरिक इस वायरस को एक दूसरे में फैलाते रहे।

ताइवान के वैज्ञानिक का दावा यह वायरस अमेरिका का ही लगता है

NovelCoronavirus
कोविड-19 का चित्र

ताईवान के एक वैज्ञानिक का दावा है कि कोरोना वायरस का जन्म चीन में नहीं हुआ। यह अमेरिका से चला है। अमेरिका में जिस तरह के वायरस पाए जाते हैं कोरोना उसी पेड़ की एक टहनी मालूम होता है। यह वुहान की मछली मार्किट में पैदा नहीं हुआ।

हमारे ऊपर आरोप लगे कि हम चमगादड़ और जंगली जानवर खाते हैं

 Corona from animals
Corona Virus from animals Vegitarian Chines
चीन में फल सब्जियों की डिमांड बढ़ गई है

चीन के अधिकारियों का कहना है कि यह वायरस अमेरिका में जन्मा लेकिन पश्चिमी मीडिया का फोकस वुहान की मछली मार्केट पर ही था। उन्होंने हमें चमगादड़ और जंगली जानवर खाने वाला बताकर हमारा मजाक उड़ाया। कभी कहा यह वायरस चमगादड़ से फैला है। फिर कहा पैंगोलिन से फैला, कभी सीविक का नाम आगे आया। अब कहा जा रहा है कि सांप ने ही इस वायरस को फैलाया है। जबकि अब साफ होता जा रहा है कि वायरस अमेरिका से चीन पहुंचा है। अमेरिका अपने देश के फ्लू के मरीजों के आंकड़ों को सार्वजनिक करे।

CIvet  Corona from animals
दक्षिच चीन के मछली मीट बाजार में पिंजरे में कैद एक सीविट। कहा जाता है कि 2003 में जब चीन में महामारी फैली थी तब इसी सीविट ने उस वायरस को इंसानों तक पहुंचाया था। सीविट का सूप चीन में बहुत चाव से पिया जाता है।

फोर्ट डेट्रिक लैब से वायरस निकला, अमेरिकी सरकार ने कहा ई-सिगरेट से निनोनिया हो रहा है

Ecigarettes in USA ban
अमेरिका ने फ्लेवर्ड ई सिगरेट को बैन कर दिया। जबकि वहां की एजेंसी एफडीए का कहना था कि इससे निमोनिया हो रहा है। वैज्ञानिक अमेरिका के इस दावे को खारिज कर चुके हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा सुझाए एक लेख में यह भी लिखा है कि फोर्ट डेट्रिक में वायरस के फैलने के बाद लैब को बंद कर दिया गया। अमेरिका में लोग बीमार होने लगे। अमेरिकी सरकार ने रहस्यमयी फ्लू को छिपाते हुए एक शफूगा छोड़ दिया कि ई-सिगरेट से छाती के रोग बढ़ रहे हैं। इससे निमोनिया हो जाता है। हम ई-सिगरेट को बैन कर रहे हैं। यानी अमेरिका की लैब में लीक हुए वायरस का ठीकरा ई-सिगरेट पर फोड़ दिया गया। खैर उस वक्त कई रिसर्चर और वैज्ञानिक बोलते भी रहे कि अमेरिका में फ्लू से इतनी मौतें क्यों हो रही हैं। अमेरिका ने दुनिया को सच नहीं बताया। हालांकि वह जानते थे कि वह फ्लू और कुछ नहीं, कोरोना वायरस ही था। जो अक्टूबर में चीन पहुंचा और इनक्यूबेशन पीरियड के बाद दिसंबर तक वुहान में बुरी तरह से फैल गया।

दुनिया के 137 देशों में पहुंचा कोरोना, चीन में 80815, भारत में 82 मामले

देशकुल केसकुल मौतेंमरीज ठीक हुएगंभीर मरीज
चीन80,8153,17764,1524,020
इटली17,6601,2661,4391,328
इरान11,3645143,529 
दक्षिण कोरिया7,9797151093
स्पेन5,232133193190
जर्मनी3,6758469
फ्रांस3,6617912154
अमेरिका2,269483110
स्विट्जरलैंड1,139114 
नॉर्वे9961127
स्वीडन814112
नीदरलैंड8041021
डेनमार्क801 12
यूके798111820
जापान7011911829
बेल्जियम559312
ऑस्ट्रिया504161
कतर320   
बहरीन210 441
सिंगापुर200 9711
ऑस्ट्रेलिया1993261
मलेशिया197 324
ग्रीस190122
कैनेडा1791111
फिनलैंड155 1 
ब्राजील151  2
चैक रिपब्लिक141  2
स्लोवेनिया141  4
आईसलैंड134   
हांगकांग1324774
इसराइल126 42
पुर्तगाल112 11
इराक101924 
कुवैत100 54
आयरलैंड901 6
रोमानिया89 71
सउदी अरब86 1 
यूएई85 202
भारत82210 
Total 1,45,3375,41670,9215,990

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *