कोरोना से बचावः एलपीयू से भारी गिनती में छात्र घरों को रवाना

भीड़ इतनी की चंडीगढ़, अमृतसर, दिल्ली एयरपोर्ट के लिए छात्रों को नहीं मिल पा रहे थे वाहन

रवि रौणखर, जालंधर

यह सच है कि लोगों को कोरोना वायरस (COVID-19) से घबराना नहीं चाहिए। भारत जैसे 130 करोड़ के देश में जहां जागरुकता व साधनों की कमी है, वहां बेहद ज्यादा सतर्क और एक सीमा तक डरने की भी जरूरत है। देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी एलपीयू से भी अब बड़ी गिनती में छात्र अपने अपने घरों को रवाना हो रहे हैं। जैसे ही सरकार ने सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने की बात कही उसी वक्त एलपीयू में एग्जाम पोस्टपोन कर दिए गए। बच्चों को दो विकल्प दिए गए। वे चाहें तो होस्टल में रह सकते हैं या अपने अपने घरों को जा सकते हैं। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के रहने वाले छात्र दिनेश ने बताया कि जैसे ही कोरोना वायरस के मामले देश में बढ़ने लगे और सरकारों ने सख्ती शुरू कर दी तब से हमारे माता पिता हमें लगातार कॉल करने लग गए थे। उन्हें हमारी चिंता हो रही थी। मध्यप्रदेश के भोपाल के रहने वाले राजेश ने बताया कि घरवालों को डर सता रहा था। वह लगातार यही कह रहे हैं कि मास्क पहनकर रखना। किसी से हाथ मत मिलाना। हालांकि हमें यूनिवर्सिटी में बार बार कोरोना वायरस से बचने के उपाय बताए गए हैं। छात्र सारे नियमों का पालन कर रहे हैं। फिलहाल यूनिवर्सिटी 31 मार्च तक बंद है। यह तारीख आगे भी खिसक सकती है। इसलिए हमने घर जाने का फैसला लिया।

“एलपीयू में हमारी टीम ने जाकर जांच की है। कोरोना का कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। किसी ने ईमेल करके भय फैलाने की कोशिश जरूर की थी। स्थिति कंट्रोल में है।- डॉ. जसमीत कौर बावा (सिविल सर्जन कपूरथला)

(कुछ छात्रों ने अफवाह फैला दी थी कि उनके एक साथी को एक कमरे में बंद कर रखा है)

दिल्ली जाने वाली बसों में भारी भीड़, सीटें नहीं मिल रहीं

CORONA PANIC INJALANDHAR BUS STAND

छात्र जानते थे कि एलपीयू के बाहर लंबे रूट की बसें अगर रुकी तो भारी भीड़ के चलते बस में चढ़ना या सीट मिलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में छात्र पहले जालंधर बस स्टैंड आए। यहां जैसे ही दिल्ली जाने वाली बस दिखाई दे रही थी तुरंत छात्र उसकी ओर भाग रहे थे। काउंटर पर लगने से पहले ही बस फुल हो जाती थी। यही हाल जम्मू कश्मीर, हिमाचल जाने वाली बसों का था।

बस न मिलने से छात्र परेशान हुए

CORONA PANIC IN LPU STUDENTS
सीट मुश्किल से मिल रही।

रात के समय जब चंडीगढ़, अमृतसर एयरपोर्ट के लिए छात्रों को बसें नहीं मिल रही थीं तब कई छात्र हताश होकर रो पड़े। बेशक अभी पंजाब में बहुत ज्यादा खतरा न हो लेकिन मीडिया में लगातार भय फैलाने वाली खबरों के चलते अफरा तफरी का माहौल एलपीयू में बन चुका था। छात्र जल्द से जल्द घर पहुंच जाना चाहते थे। शनिवार रात चंडीगढ़ और अमृतसर एयरपोर्ट के लिए बस न मिलने से आहत छात्र टैक्सी के लिए इधर उधर भटक रहे थे। बस स्टैंड पर एक ढाबा मालिक ने बताया कि कुछ बच्चों को मैने रोते हुए देखा।

सैकड़ों मास्क देखकर ग्रीस जाने वाला एनआरआई पैनिक में आ गया, बस से ही उतर गया

CORONA PANIC IN LPU BUS STAND
दिल्ली के लिए रवाना होने वाली बस

कोरोना का डर लोगों के दिलों में बैठ गया है। जालंधऱ बस स्टैंड पर इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब बहुत सारे मास्क डाले छात्रों को देख एक एनआरआई घबरा गया। दिल्ली जाने के लिए जैसे ही बस आई छात्रों की भीड़ उसमें घुस गई। बस काउंटर पर रुकी और एक 40 साल का व्यक्ति अपना सामान लेकर नीचे उतर गया। लोगों को सीट नहीं मिल रही थी ऐसे में अच्छी खासी विंडो सीट छोड़कर उसके नीचे आने का जब कारण पूछा गया तो वह बोला कि “ये नौजवान जिन्होंने मास्क लगा रखा है सभी बीमार लगते हैं। मैं नहीं चाहता कि मैं बीमार हो जाऊं।” हमने जब उस यात्री से पूछा कि अब क्या करोगे तो बोला “मैं अगली बस पकड़ लूंगा।” रविवार दोपहर बाद ग्रीस के लिए उसकी फ्लाइट बुक थी। हालांकि ग्रीस में अभी तक 228 केस पॉजीटिव पाए जा चुके हैं। 4 की मौत हो गई है। यानी ग्रीस जैसे छोटे से देश में भी भारत से दोगुणे मरीज और दोगुणी मौतें रिपोर्ट हुई हैं। बस से उतरने वाला शख्स एक एनआरआई भी था। मगर न ही उसके पास मास्क था और न ही कोरोना वायरस की ज्यादा जानकारी। उसके पास था तो सिर्फ डर या कहें पैनिक

ट्रांजिट प्वाइंट पर खास ध्यान रखें

CORONA PANIC IN LPU JALANDHAR BUS STAND
अभी तक ट्रांजिट प्वाइंट्स पर काम करने वाले भी जागरुक नहीं हैं। कंडक्टर साहब चादरे से काम चलाते हुए।

कोरोना वायरस फिलहाल स्टेज टू में दाखिल हुआ है। यानी विदेश से भारत में दाखिल होने वाले लोगों के अलावा भी अब यह स्थानीय लोगों में फैलने लगा है।

CORONA PANIC IN LPU JALANDHAR BUS DRIVER
जालंधर बस स्टैंड पर रुमाल से काम चलाते बस ड्राइवर

इसके बाद तीसरी स्टेज शुरू होगी जिसमें यहां के स्थानीय लोग बाकी स्थानीय लोगों में इस वायरस को फैला देंगे। ऐसे में ट्रांजिट प्वाइंट जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर ज्यादा स्तर्क रहें। मास्क पहनकर रखें। शनिवार रात जब बस स्टैंड पर सैकंड़ों छात्रों को मास्क डाले देखा तो बस ड्राइवर और कंडक्टरों ने कपड़े से मुंह ढक लिया।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 31 मामले, पंजाब में 1 और देश में आंकड़ा 100 पार

क्रमांकराज्यमरीज (भारतीय)मरीज (विदेशी)ठीक हो गएमौतें
1दिल्ली7021
2हरियाणा01400
3केरल22030
4राजस्थान2200
5तेलंगाना3010
6यूपी11140
7लद्दाख3000
8तमिलनाडू1000
9जेएंडके2000
10पंजाब1000
11कर्नाटक6001
12महाराष्ट्र31000
13आंध्र प्रदेश1000
कुल 90+17=107 9017102

156 देशों में 162390 मरीज, 5663 अभी भी वेंटीलेटर पर

देशकुल केसकुल मौतेंमरीज ठीक हुएगंभीर मरीज
चीन80,8493,19966,9313,226
इटली21,1571,4411,9661,518
इरान13,9387244,339 
दक्षिण कोरिया8,1627583459
स्पेन7,753291517272
जर्मनी5,38110469
फ्रांस4,4999112300
अमेरिका3,048605610
स्विट्जरलैंड2,217144 
नॉर्वे1,2053127
यूके1140211820
नीदरलैंड1,13520245
Total ( 156 देश)1,62,3906,06875,9675,663

10 thoughts on “कोरोना से बचावः एलपीयू से भारी गिनती में छात्र घरों को रवाना

  • 15/03/2020 at 9:13 pm
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    Complete message – usefull too

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