GASTRO LIVE 2020- पिछले दो साल में अल्ट्रासाउंड एंडोस्कोपी ने पेट के इलाज को पूरी तरह से बदल दिया- डॉ. सिंघल

जालंधर में पहली बार पेट के डॉक्टरों की राष्ट्रीय स्तर की कान्फ्रेंस हुए

पेट की बीमारियों के ज्यादातर मरीज देरी से गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट के पास पहुंचते हैं

रवि रौणखर, जालंधर

इंसानी शरीर जिंदगी भर दो तक्लीफों से सबसे ज्यादा परेशान रहता है। एक बुखार और दूसरा पेट दर्द। गलत खानपान और सुस्त जीवन शैली के चलते पेट की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। तक्लीफ उस वक्त और बढ़ जाती है जब मरीज साधारण डॉक्टरों के पास चक्कर काटता रह जाता है। किस्मत अच्छी हो तो वह समय रहते किसी पेट के एक्सपर्ट के पास पहुंच जाता है।

Dr Surinder Rana Gastroentrologists PGI
पीजीआई में गैस्ट्रो विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुरिंदर राणा लेक्चर देते हुए।

पेट के माहिर डॉक्टरों को गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट कहा जाता है। रविवार को जालंधर में देश भर के अग्रणी गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट पेट के इलाज में नए अविष्कारों और लाइव कान्फ्रेंस के लिए इकट्ठा हुए थे।

Gastroentrologists PGI
Spiral Enteroscopy, पीजीआई जालंधर में एंडोस्कोपी प्रोसीजर हो रहा था। लाइव प्रसारण होटल फॉर्च्यून में।

लिंक रोड पर शिंगारा सिंह अस्पताल स्थित पीजीआई (प्रीमियर गैस्ट्रो इंस्टिट्यूट) में लाइव ऑप्रेशन हो रहे थे और उसका सीधा प्रसारण महावीर मार्ग स्थित होटल फॉर्च्यून में हो रहा था। कांफ्रेंस इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट जिन मरीजों का लाइव प्रोसीजर (एंडोस्कोप से इलाज) दिखाया जा रहा था सभी पेट की अलग अलग बीमारियों से पीड़ित थे। कोई चैकअप के लिए आया था तो किसी के पेट में स्टेंट डाला गया। किसी का ट्यूमर हटाया गया तो किसी के शरीर में अलसर का पता लगाया गया। एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड ( इसमें एक तार के सहारे शरीर के अंदरूनी अंगों तक कैमरे और बाकी उपकरणों को पहुंचा जाता है। बाहर डॉक्टर उसे कंट्रोल करते हैं।

PGI-Jalandhar-2

शहर के तीन वरिष्ठ गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट डॉ. विजय नंदा, डॉ. अमित सिंघल और डॉ. आलोक मेहता के नेतृत्व में हुई इस कांफ्रेंस का मकसद नई और पुरानी पीढ़ी के डॉक्टरों को यह बताना था कि अल्ट्रासाउंड एंडोस्कोपी ने पेट के इलाज में बेहद कम समय में बहुत बड़ा मकाम हासिल कर लिया है।

Gastro doctors Jal
होटल फॉर्च्यून में मौजूद वरिष्ठ गैस्ट्रो

पहले सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग, एमआरआई और एक्स-रे से पेट के अंदरूनी भाग जैसे आंतें, पैंक्रिया, लिवर की जांच करते थे। यानी आप बाहर बैठकर मशीन के सहारे पेट के अंदरूनी भागों की टेक्नीकल तस्वीरें देख पाते थे। इन तस्वीरों (Imaging) को खून या यूरिन टेस्ट की स्पोर्ट मिलने के बाद डॉक्टर आगे का इलाज शुरू करते थे।

मगर अब एंडोस्कोप से डॉक्टर सीधे उस अंग की बाहरी स्तह को अपनी आंखों से देख सकता है। साथ ही शरीर के अंदर से हाई फ्रिक्वेंसी ध्वनि तरंगों ( High Frequency Sound waves) की मदद से और बेहतर तस्वीरें ली जा रही हैं। पीजीआई के गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट डॉ. अमित सिंघल ने बताया कि पिछले दो साल से इस फील्ड में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं। कई बार हमें स्कैनिंग में कुछ पता लगता है लेकिन शरीर के अंदर जब दूरबीन से पहुंचकर अल्ट्रासाउंड तरंगे छोड़ी जाती हैं तो तस्वीर कुछ और ही निकलती है। अब डॉक्टर पेट में चीरा लगाकर नहीं बल्कि दूरबीन और अल्ट्रासाउंड की मदद से पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों का इलाज कर रहे हैं। किसी तरह का अलसर, ट्यूमर या अंदरूनी अंगों को खून की सप्लाई की रुकावट को दूर करके मरीज को कम से कम समय में घर भेजा जा रहा है। इससे मरीज का खर्च भी कम होता है और वह बड़े चीरे वाले ऑप्रेशन से भी बच जाता है। बिना ऑप्रेशन से आगे की जिंदगी भी बेहतर हो जाती है। अब ऐसे उपचार भी आ गए हैं जिसमें उम्र भर एसिड की गोली खाने की जरुरत नहीं पड़ती। एक छोटा सा ऑप्रेशन करके एसीडिटी की समस्या को दूर किया जा सकता है। पेट की समस्या होने पर ज्यादातर मरीज भटकते रहते हैं। ऐसे में नजदीकी गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट के पास जाने से उनका कीमती समय बचेगा।

Gastroentrologists in PGI Jalandhar

यहां पीजीआई चंडीगढ़ में गैस्ट्रो विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुरिंदर राणा, एडवांस गैस्ट्रो इंस्टिट्यूट लुधियाना से डॉ. निर्मलजीत सिंह मल्ही, डॉ. विकास सिंगला, डॉ. बी रवि शंकर, डॉ. एनएस मल्ही, डॉ. वरुण मेहता और डॉ. राजेश पुरी ने लाइव प्रोसीजर्स किए और लेक्चर भी दिए। मौके पर डॉ. राजीव ग्रोवर, डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. संजीव चुघ, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. सतपाल सिंह विर्क, डॉ. रजत, डॉ. रविंदर शर्मा, डॉ. दिनेश गुप्ता, डॉ. जगदीप सिंह अरोड़ा, डॉ. राजीव ठुकराल, डॉ. अभिजोत परमार, डॉ. जसमीत ढिंगरा, डॉ. सुमित कैंथ, डॉ. तनवीर सिंह, डॉ. मिलन महाजन, डॉ. अंकुश बंसल, डॉ. शौकत चौधरी, डॉ. असीम भारद्वाज, डॉ. ओमेश गोयल, डॉ. गौरव, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. विवेक चंदेल, डॉ. एचएस सलूजा, डॉ. राजू सिंह छीना, डॉ. सुधीर राज, डॉ. रिपन मिगलानी, डॉ. मुकुल बेदी, डॉ. भुपिंदर सिंह, डॉ. राहुल, डॉ. सुशील फलोदिया, डॉ. मोहित नंदा, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. निखिल, डॉ. अनुराग जिंदल, डॉ. अमिताभ जैरथ, डॉ. संदीप सिंह सिद्धू, डॉ. रमेश वर्मा, डॉ. सुनील आर्या, डॉ. अनुमीत सिंह, डॉ. जीएस सिद्धू, डॉ. मुनीष अग्रवाल, डॉ. विकास गुप्ता, डॉ. नितिन बहल, डॉ. बलविंदर सिंह, डॉ. दीपिका परमार, डॉ. सुरेश गोरखा, डॉ. गुरसेवक सिंह, डॉ. जगदीप सिंह, डॉ. रुपिंदर भार्गव, डॉ. एचएस बिंद्रा, डॉ. अमनदीप संधू, डॉ. गगनदीप गोयल, डॉ. दक्ष खुराना, डॉ. दिव्या सोइन, डॉ. अजेश बंसल, डॉ. राजीव डोगरा, डॉ. पंकज सिहाग, डॉ. अनुपम गर्ग, डॉ. एमके अरोड़ा, डॉ. अमित जिंदल और डॉ. विपुल मित्तल भी मौजूद रहे।

One thought on “GASTRO LIVE 2020- पिछले दो साल में अल्ट्रासाउंड एंडोस्कोपी ने पेट के इलाज को पूरी तरह से बदल दिया- डॉ. सिंघल

  • 10/03/2020 at 11:07 am
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    Wow great job… congrats to all worthy doctors

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