LPU में संदिग्ध मरीज मिलने की खबर, विभाग अलर्ट

एलपीयू में देश विदेश से हजारों छात्र आते हैं

रवि रौणखर, जालंधर

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के Boys Hostel से खबर आ रही है कि कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज को एतिहातन अलग थलग कमरे में रखा गया है। जानकारों के मुताबिक छात्र भी खौफ में हैं। संदिग्ध मरीज की जानकारी अभी तक सेहत विभाग को नहीं दी गई है।
मामले की खबर मिलने के बाद सेहत विभाग भी जांच में जुट गया है। मामला ऐसा है कि इसपर कोई कोताही नहीं बरती जा सकती। कपूरथला की सिविल सर्जन डॉ. जसमीत कौर बावा ने बताया कि उन्हें फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं है लेकिन वह फगवाड़ा की टीम से जांच करवाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक जिले में एक भी संदिग्ध मरीज ऐसा नहीं आया है जिसका सैंपल लेने की जरूरत भी पड़ी हो। स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में है। अभी भी कपूरथला जिले के 262 लोग जो इटली और हाई रिस्क देशों से आए हैं उनमें से ज्यादातर का पता लगाया जा चुका है। महज 10-11 लोग ही ऐसे हैं जिनतक हम पहुंच नहीं पाए हैं। पुलिस उन्हें ढूंढ रही है।

किसी शहर से कम नहीं है एलपीयू

LPU ON CORONA ALERT

एलपीयू में देश विदेश के हजारों छात्र पढ़ते हैं। कोई भी विश्वविद्यालय अपने आप में एक चलता फिरता नगर होता है। एलपीयू की बात करें तो वहां कैंपस में ही मॉल से लेकर दर्जनों कैफेटेरिया व रेस्त्रां हैं। छात्रों की मूवमेंट भी ज्यादा होती है। छात्रों का जालंधर और फगवाड़ा भी आना जाना लगा रहता है। ऐसे में एलपीयू प्रबंधन को बेहद स्तर्क और चौकन्ना रहने की जरूरत है। एलपीयू से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन वहां से कोई उत्तर नहीं आया। जालंधरपोस्ट भी इस खबर की पुष्टि नहीं करता।

मरीज की जानकारी छिपाना भी सही नहीं, देश में मामले बढ़ रहे हैं

S. No.राज्यमरीज (भारतीय)मरीज (विदेशी)ठीक हो गएमौतें
1दिल्ली7011
2हरियाणा01400
3केरल19030
4राजस्थान1210
5तेलंगाना1000
6यूपी11150
7लद्दाख3000
8तमिलनाडू1000
9जेएंडके1000
10पंजाब1000
11कर्नाटक6001
12महाराष्ट्र14000
13आंध्र प्रदेश1000
कुल (66+17=83) 6617102

लेकिन जिस तरह से देश में लगातार कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं किसी भी संदिग्ध मरीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता। चीन और इटली ने कोरोना को शुरूआत में काफी हल्के में लिया था। आज यह दोनों देश उसका खामियाजा भुगत रहे हैं। ऐसे में हर संदिग्ध मरीज की रिपोर्टिंग बेहद जरूरी है।

शनिवार सुबह तक भारत में मिले कुल पॉजीटिव मरीज 85 तक पहुंच चुके थे लेकिन आधिकारिक पुष्टि 83 की ही हो पाई थी। अगर किसी मरीज को बुखार, गला दर्द, खांसी जुकाम है और सांस लेने में भी तक्लीफ हो रही है तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है। कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है। मरीज के शरीर में मौजूद वायरस की कोई दवा नहीं है लेकिन उस वायरस से पैदा हो रहे लक्षणों का इलाज किया जा सकता है। अगर सांस नहीं आ रहा है तो उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर पर रखा जा सकता है। इसलिए लवली, सीटी और दोआबा के तमाम शैक्षिक संस्थानों को अलर्ट होना पड़ेगा। किसी भी संदिग्ध मरीज को सेहत विभाग से छिपाने की बजाय तुरंत उसकी रिपोर्टिंग करनी होगी। कोरोना (कोविड-19) एक नोटिफाइड बीमारी है। प्राइवेट या सरकारी संस्थान किसी भी मरीज का पता लगने पर सरकार को इसकी जानकारी देने के लिए बाध्य हैं।

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