कोरोना के बीच किलकारीः सिविल में कतर से आई महिला ने बेटे को जन्म दिया

रवि रौणखर, जालंधर

सिविल अस्पताल अब पूरी तरह से कोरोना आइसोलेशन सेंटर बन चुका है। यहां का स्टाफ अब सिर से पांव तक पीपीई किट में नजर आता है। रोजाना 200 से ज्यादा लोग डरे सहमे हुए अस्पताल आ रहे हैं। ज्यादातर को कोरोना का कोई लक्षण नहीं है। डर के इस माहौल में एक खुशखबरी तब आई जब कोरोना आइसोलेशन वार्ड में पहली डिलिवरी हुई। 18 मार्च को कतर से भारत आई 31 साल की महिला ने सुबह 10 बजे एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। डिलिवरी के वक्त गायनीकॉलोजिस्ट डॉ. मनप्रीत कौर और स्टाफ नर्स राखल मौजूद थीं। यह महिला का दूसरा बच्चा था। डिलिवरी नॉर्मल हुई।

जच्चा बच्चा स्वस्थ हैं, मां को कोरोना लक्षण नहीं

जच्चा बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं। हालांकि मां को थोड़ा डर जरूर सता रहा था कि इस माहौल में उनका बच्चा सेफ है या नहीं। मगर सिविल के डॉक्टर और स्टाफ जच्चा बच्चा का अच्छे से ख्याल रख रहे हैं। ऑन ड्यूटी डॉक्टर का कहना था कि मां कुछ दिन पहले अगर कतर से न आई होती तो उन्हें आइसोलेशन में रखने की जरूरत नहीं थी। गर्भवति महिलाएं वायरस के दौर में हमेशा हाई रिस्क पर रहती हैं। राहत की बात यह भी है कि मां को कोरोना का कोई भी लक्षण नजर नहीं आया है।

पिता की मौत के छह महीने बाद बेटी का जन्म

सिविल के गायनी वार्ड में दानामंडी में काम करने वाली स्वीटि ने एक बेटी को जन्म दिया। स्वीटि के पति की 6 महीने पहले रोड एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। मां ने बेटी का नाम प्रियंका रखा है। आत्मविश्वास और सेल्फ डिपेंडेंट स्वीटि ने बताया कि बाहर क्या हो रहा है उसे नहीं मालूम। कर्फ्यू, कोरोना की उसे कोई होश नहीं है।

(ऊपर इस्तेमाल की गई फोटो स्वीटि की बेटी प्रियंका की है। आईसोलेशन वार्ड में बिना पीपीई के जाना मना है। ऐसे में पत्रकारों की भी एंटरी नहीं है। मां बेटे की फोटो उपलब्ध नहीं हो पाई)

One thought on “कोरोना के बीच किलकारीः सिविल में कतर से आई महिला ने बेटे को जन्म दिया

  • 27/03/2020 at 4:31 am
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    All MP , MLA and Political Parties should come forwarded and contributes with maximum funds to Govt to combat this Covid 19 virus.

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